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Thursday, May 30, 2019

Family Problems and solutions,Old age homes,हमें बूढ़े माँ बाप की कोई जरूरत नहीं ,उन्हें बृद्धाश्रम भेज दो

Family Problems and solutions
हमें बूढ़े माँ  बाप की कोई  जरूरत नहीं ,उन्हें बृद्धाश्रम भेज दो

Photo by Pixabay from Pexels
कल मैं सुबह सुबह योग कर रहा था, इस समय मैं केवल योग ही करता हूँ किसी का बात करना मुझे अच्छा नहीं लगता ! तभी मुझे मेरे दोस्त राजन के भाई राकेश का कॉल  आया मैं कॉल  उठाना  नहीं चाह  रहा था पर वह बार बार कॉल किये जा रहा था , मैंने दिल मसोस के कॉल  उठाई और गुस्से से उस से कारण पूछा , तो दूसरी तरफ से जबाब आया माफ़ करना भाई पर जल्दी से हमारे घर पहुंचो आपकी जरूरत है मैंने उस से चिंता का कारण पुछा तो वह बस यह बोलै भईया जल्दी से घर पहुंचो बड़े भाई भाभी को तलाक दे रहे हैं ! 

मेरा दोस्त राजन जिला अधिकारी है ! वह बचपन से ही बहुत ही लायक विद्यार्थी था ,उस की माँ ने पिता के ना होते हुए, उसे  पढ़ाया ! राकेश की बात सुनकर मैं चौक गया था ऐसा क्या हो गया ,राजन का परिवार तो बहुत खुश था सब  ठीक चल रहा था अब क्या हो गया ! मैंने आव देखा ना ताव बस उस के घर की तरफ दौड़ चला !

Photo by Kat Jayne from Pexels
राजन के घर पहुँच कर देखा की वह सोफे के कोने में आँखों में आंसू लिए बैठा है उस की 10  बर्ष की बेटी उदास सी उस के पास खड़ी  है  मैंने राजन के पास  जाकर पुछा ________

 दोस्त क्या बात है यहाँ क्या हो रहा है ,तेरे खुशहाल परिवार में ये उदासी क्यों।  यह सुनते ही वह भभक कर रो पड़ा और बोला  !

मैं माँ को बृद्धाश्रम छोड़ आया हूँ।  जिस माँ ने कभी मुझे पिता के ना होने का अहसास भी नहीं होने दिया ! मुझे पढ़ाने की लिए जिस ने लोगों  के घर बर्तन धोये यहां तक की बीमार होते हुए भी काम किया ! खुद भूखी सोयी पर मुझे भूखा नहीं सोने दिया। मेरे परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर जो लोगों  को बता बता कर नहीं थकती थी ! आज खुद स्वंतत्र होने के लिए उसे औरों  के हवाले छोड़ आया हूँ।  मेरी माँ को क्या पसंद है क्या नहीं उन्हें क्या पता ,वह अब कैसे रहेगी। 

जब मुझे उस की जरूरत थी  तब उस ने अपना पूरा साथ दिया , पर जब उसे मेरी जरूरत थी मैं उसे बोझ समझकर छोड़  आया ! 

Photo by Oleksandr Pidvalnyi from Pexels
ये जो तेरी भाभी है मेरी माँ को नहीं समझ पाई  !पूरा दिन बस मुझे माँ के बारे में उलटा सीधा बोलते रहना ! क्या इस की माँ नहीं  है , पर ये क्या समझे इस की माँ तो माँ है और मेरी माँ हर पल गलत है ! 

परिवार को खुश रखने के लिए मुझे यही तरीका समझ में आया और मैं माँ को छोड़ आया ! अब तेरी भाभी खुश हो गयी होगी ! 

आज मैं  इसे भी स्वतंत्र  कर रहा हूँ , जैसे मैं  अपनी माँ के बिना रह सकता हूँ वैसे ये और बच्चे भी अकेले रह सकते हैं  ! मैं  इसे तलाक देकर अपनी माँ के पास जा रहा हूँ मैं  भी उस के साथ बृद्धाश्रम रहूँगा !मरे बच्चों  ने भी मेरे साथ यही तो करना है !

क्या है इंसान दुनिया को न्याय देने वाला आज अपनी माँ के साथ न्याय नहीं कर पाया , मेरे दिमाग मे कई प्रश्न चल रहे थे !

मैंने जैसे तैसे उसे समझाय और उसे कहा हम अभी माँ के पास चलेंगे और  माँ को घर लेकर आयेंगे ! भाभी जी ने भी  क्षमा याचना करते हुए यही कहा क्योंकि उन्हें पता चल चूका था अपनी गलती के बारे में !

हम बृद्धाश्रम के द्वार पर पहुंचे तो दरवान ने आगे जाने से इंकार कर दिया ,राजन ने उसे बताया की मैं जिलाधिकारी हूँ तो वो बोलै साहब अगर आप अपनी माँ के साथ न्याय नहीं कर पाए तो औरों  के साथ क्या करोगे मैं  अंदर नहीं जाने दूंगा !

राजन गिड़गिड़ाते हुए उस के पैरों  में गिर पड़ा और उस से बोला  मुझे माँ को ले जाना है कृपा कर के मुझे जाने दो ,तभी होस्टल  बार्डन वहां आयी और हमें बापस जाने को कहा ! जब हम ने उन से निवेदन किया तो वो गुस्से से तिलमिला गयी और बोली मैं आप को अंदर नहीं भेजूंगी क्या पता आप उसे बाहर ले जा कर मार दें  चुपचाप यहाँ से चले जाओ ,पहले सोचना था ,तुम लोगों  को बूढ़े बोझ लगते हैं  ना !तुम जैसी औलाद को तो पेट में ही मार देना चाहिए !

राजन यह सुनकर खुद को रोक नहीं पाया और जोर जोर से रोना शुरू कर दिया और माँ माँ बोलता रहा ! उसे देखकर शायद  होस्टल  बार्डन को दया आ गयी और वह हमें माँ के पास ले गयी !

माँ ने जब देखा पूरा परिवार वहाँ  आया है तो वह रो पडी और बोली ,राजन बीटा तू आ गया मैं  सब को बोल रही थी मेरा बच्चा ऐसा नहीं है किसी काम में व्यस्त होने के कारण मुझे यहाँ  छोड़ गया है ,लेने जरूर आएगा !

राजन बोला  चल माँ मेरे साथ चल ,वहाँ  जितने भी लोग थे सब की आँखों में ऑंसू  थे शायद वे भी सोच रहे थे की कोइ उन्हें भी लेने आएगा !माँ ने सब को अलविदा कहा ,सभी के मुँह में यही शब्द थे की ऐसा बेटा  सब को दे !

दोस्तों राजन खुशकिस्मत था जो माँ को बापस लेकर आ सका ! अगर आप में से भी कोई  ऐसा सोच रहा है तो इक बार यह भी याद कर ले की इन्हीं  माँ  बाप ने आप की हर इच्छा पूरी की ,आप को सब कुछ दिया चाहे अपनी इच्छा को मार ही क्यों नहीं दिया हो और आज आप क्या कर रहे हो ,याद रखो आप भी माँ बाप हो कल आप के साथ भी यही हो सकता है ! 




दोस्तो, अपने घर के उन विशाल हृदय वाले लोगों, जिनको आप बूढ़े और बुढ़िया की श्रेणी में रखते हैं, वे आपके जीवन के कल्पतरु हैं। उनका यथोचित आदर-सम्मान, सेवा-सुश्रुषा और देखभाल करें। यक़ीन मानिए, आपके भी बूढ़े होने के दिन नज़दीक ही हैं।...उसकी तैयारी आज से ही कर लें। 


देवियाँ भी ध्यान दें जैसे आप की माँ है वैसे ही आप के पति की भी है !जैसा आप उस के साथ करवाओगी आप का भाई भी आप की माँ के साथ भी वैसा ही करेगा !

धन्यवाद !!

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Photo by bruce mars from Pexels
 मेरी बात कुछ लोगों के लिए तीखी है पर एक बार सोचें जरूर !

1 comment:

Unknown said...

I love. My father

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