शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

पराणियाँ खेलाँ

पराणियाँ खेलाँ

असे जे खेलियाँ, क्या सही नी थियाँ |
हुण जे खेला दे, गेमाँ मोबाइले दियाँ ||


बच्चेयाँ दी रेलगड्डी, आले द्वारे रैणा नट्ठी |
ढाल खेलणी कन्ने, पत्थरे दी बणाणी गड्डी ||
गिट्टियाँ दे खेल, लुक लकैड़े दा नी मेल |
भुल्ले कंच्चे, भुल्ली गए चोर पुलिस कन्ने जेल ||


असे नी दिख्खियाँ, रिमोटे दियाँ गड्डियाँ |
हुण जे खेला दे, गेमाँ मोबाइले दियाँ ||


इक्की जंगे उटकी रैणा, छाही पी नै रज्जि रैणा |
कम करी नै स्कूले जो जाणा, मास्टरा दे डंडे सैहणा ||
खरा होया मास्टरें कुट्टे़या, घरा आलेयाँ सदा कैणाँ |
खेतराँ च कम करणा, गाई दा दुद दूणा ||


असे नी दिख्खियाँ, निन्दराँ दिने दियाँ |
हुण जे खेला दे, गेमाँ मोबाइले दियाँ ||


हुणा दे नी जाणदे, बबरू कन्ने गुलगुलेयाँ |
पलदा, रैन्टा कन्ने मदरेयाँ ||
एनकाँ लग्गी गईयाँ, फोने च लग्गे रहियाँ |
गल मणनी नी, गुस्से च रैहणा पईयाँ ||


असे जे खेलियाँ ओ ही सही थियाँ |
हुण जे खेला दे, गेमाँ मोबाइले दियाँ ||

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