बुधवार, 6 मई 2020

चल तो सही,motivational poem

चल तो सही


बस सदा सोचा तूने, कहता भी रहा है तू ,
दुनिया को जीतने को बस तैयार रहा है तू |
तूने योजनाएं कई बनाईं, कई लिए निर्णय,
कई खाईं तूने कसमें, बीतता गया समय |
बीती हर घड़ी, बीता हर पल, 
जो सोचा वो रख दिया कल पर |
अब हाथ में कुछ नहीं, घबरा रहा है तू,
अब समय नहीं पछता रहा है तू |


उठ जा अभी भी, जीत नहीं है दूर, 
बस पग तो धर, मंजिल मिलेगी जरूर |
जिस दिन पहला ये पग तेरा, पड़ेगा धरती पर, 
आरुढ़ पाएगा खुद को जीत के रथ पर |
बस आदेश देना होगा ऱथ के सारथी को, 
सरपट भगा ले जाएगा, छूता मंजिलों को |


बस सोच ना, कुछ कर, दूर नहीं तेरी डगर |
बस बहाने तेरे, ढ़ाते जा रहे उम्मीदों के महल |
जवानी के जोश को, बुढ़ापे कि लाठी बना |
उठ चल खड़ा हो, कर के देख पहल ||

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