Kavita || Hindi Poetry || Poems in Hindi ||कविताएँ || ना जाने किस के लिए

 Kavita || Hindi Poetry || Poems in Hindi ||कविताएँ 


ना जाने किस के लिए 




जमाने  भर से लड़ रहा ,
ना जाने किस के लिए | 
धूप  छाँव की परवाह ना कर रहा ,
ना जाने किस के लिए | 




Photo by Frederico Erthal from Pexels

मेरे होने से भी सब है ,
ना होने से भी सब होगा | 
हर इच्छा को दबा रहा ना जाने किस के लिए || 




Photo by Tom Swinnen from Pexels
कुछ खुशियाँ हैं मेरी ,
कुछ गम भी होंगे | 
खुशियाँ परे रख ,सब गम सह रहा ,
ना जाने किस के लिए | 



Photo by Artem Beliaikin from Pexels


कभी तो छाँव होगी ,
जहाँ धुप है अभी | 
किसी आशा में चल रहा,
ना जाने किस के लिए | 


टिप्पणियाँ