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आज का सुविचार | Aaj Ka Vichar | नकारात्मक सोच

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The Secret Of Victory | जीत का रहस्य | जो सफल होना चाहते हैं वो ये चार काम जरूर करें | Motivational Speech

  The Secret Of Victory | जीत का रहस्य |  जो सफल होना चाहते हैं वो ये चार काम जरूर करें दोस्तो हमारी असफलता का सबसे बड़ा कारण है अपने माता पिता , दादा दादी , दोस्तों आदि से कहते रहना की मैं एक दिन बड़ा आदमी बनूँगा , पर कुछ भी ना करना | आप का मन जनता है की उस सफलता के लिए आप को क्या करना है और वह चीज ऐसी है जो आप को करना मुश्किल लगती है , आप का अन्तर्मन उस चीज को स्वीकारने से डरता है | आप अपने दोस्तों के साथ होते हो तो घूमना फिरना और मौज करना चाहते हो , जब आप के पास कुछ करने का समय हो तो आप बाजार चले जाते हो , कुछ करना नहीं होता बस बेकार समय व्यतीत कर के आते हो | रवीवार के दिन मोबाईल और टी वी पूरा दिन नहीं छूटता | सुबह जल्दी उठने की बजाए आप दस बजे तक सोए रहते हो | खाली समय कोई किताब पढ़ने कि बजाए सोना या घूमना पसंद करते हो | व्यायाम और योगा करना पसंद नहीं , अगर कोई अच्छी बात बताए तो वह लैक्चर लगती है | जो सफल होना चाहते हैं वो ये चार काम जरूर करें , सोना , मेहनत करना , चाहत रखना और दोहराना | सफलता कि चाहत रखने वाले रुकते नहीं ऊपर बताए हुए चार काम दोहराते चले जाते हैं , जब तक

Aaj Ka Suvichar | आज का सुविचार | मुर्दा सिखाता है

    Aaj Ka Suvichar | आज का सुविचार | मुर्दा सिखाता है  हिन्दी मेें आज का विचार | आज का सुविचार मुर्दा के साथ समशान जाते हो तो यह मत सोचो कि आप उसे मंजिल की ओर लेके जा रहे हो, बल्कि वह आप को बता रहा है की राम का नाम ही सच है बाकी सभी की मंजिल एक है । Toda y's Thought in English |Aaj ka Vichar in English If you goto samshan with the dead, do not think that you are taking him towards the destination, rather he is telling you that the name of Ram only is true and everyone else's destination is the same. अन्य पढ़ें कद्र किस की करें  छोड़ो ये पांच बातें अपने पैसे से ली हुई साईकल 18 बर्ष कि उम्र बाले ध्यान रखें सफलता किस पर निर्भर है कमज़ोर मत बनो सूरज कमियां क्या सिखाती हैं

क्या भारतीय समाज में संवेदनहीनता बढ़ रही है , कैसे खुद को एक सेल्फ़िश इंसान बनाने से रोकें , Motivational Speech

  क्या भारतीय समाज में संवेदनहीनता बढ़ रही है || कैसे खुद को एक सेल्फ़िश इंसान बनाने से रोकें ?   दोस्तों आज की यह कड़वी बात , जो मैं आप को बताने जा रही हूँ , उसे मेरे दोस्त अनिल ने हिमाचल से मुझे भेजा है | उन की कहानी सुन के मुझे इंसान होने पर शर्म सी महशूस हो रही है | मैंने कहावत सुनी थी “अपने से तीसरे अच्छे होते हैं” , लेकिन आगे  आने वाली कुछ पंक्तियों में मैं आप को एक हकीकत बताने जा रही हूँ जो लगभग सभी के साथ घटित होती है | हमारे समाज मे कितनी कड़वी बात या कहें तो कड़वाहट भारी हुई है , हम खुद तो खुश हैं नहीं और दूसरे की खुशियाँ देखने का हम मे दम नहीं हैं | तो नीचे की कहानी को जरूर पढ़ें और कहानी अच्छी लगे तो कमेंट जरूर करें और इसे शेयर करना ना भूलें , क्योंकि आप के एक शेयर से किसी कोप सीख मिल सकती है | अनिल के गांव तक आपसी सहयोग से सड़क निकाली गई , लेकिन कुछ संवेदनहीन/ स्वार्थी लोगों के कारण गाँव के मुहाने पर पहुँचते ही सड़क का काम रोक दिया गया | अनिल कुछ और ना सोचते हुए खुश था की कोई बात नहीं , चलो अपनी गाड़ी गाँव तक तो पहुँच ही जाएगी | अब अनिल ने गाड़ी एक चौड़े मोड़ के किनारे खड़ी क

श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व | भगवद्गीता का अध्याय 1 का श्लोक 4 से 6 हिन्दी व English अर्थ सहित | Bhagwatgeeta Ka Mahatav

  श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व | भगवद्गीता का अध्याय 1 का श्लोक 4 से 6 हिन्दी व English अर्थ सहित लगभग 5000 वर्ष पहले  युद्ध के मध्य दिया गया एक हिन्दु धर्मोपदेश जिसे 18 अध्यायों और 700 श्लोकों में संजोया गया श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व ,आज भी पूरे विश्व के लिए एक विश्लेषण का विषय है |जब हम  गीता को पढ़ते हैं तो पाते हैं कि यह धर्मोपदेश जो कई बर्षों पहले दिया गया आज के युग में भी उतना ही कारगर है जितना उस समय था | मैं आप को हर रोज गीता के एक श्लोक का हिन्दी व English अर्थ बताऊँगी व यह भी बताने कि कोशिश करूँगी कि आज के आधुनिक युग में आप इसे कैसे कारगर सावित कर सकते हैं |श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व  _______________________________ भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 4 से 6 संस्कृत सञ्जय उवाच अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधि युयुधानो विराटश्च द्रुपदश्च महारथ:        || 4|| धृष्टकेतुश्चेकितान: काशिराजश्च वीर्यवान् | पुरुजित्कुन्तिभोजश्च शैब्यश्च नरपुङ्गव:  || 5|| युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च  वीर्यवान् | सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथा:  || 6|| _______________________________ भगवद्गीता अध्याय

श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व | भगवद्गीता का अध्याय 1 का श्लोक 2 और 3 हिन्दी व English अर्थ सहित

  श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व | भगवद्गीता का अध्याय 1 का श्लोक 2 और 3 हिन्दी व English अर्थ सहित www.topperskey.com लगभग 5000 वर्ष पहले  युद्ध के मध्य दिया गया एक हिन्दु धर्मोपदेश जिसे 18 अध्यायों और 700 श्लोकों में संजोया गया श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व ,आज भी पूरे विश्व के लिए एक विश्लेषण का विषय है |जब हम  गीता को पढ़ते हैं तो पाते हैं कि यह धर्मोपदेश जो कई बर्षों पहले दिया गया आज के युग में भी उतना ही कारगर है जितना उस समय था | मैं आप को हर रोज गीता के एक श्लोक का हिन्दी व English अर्थ बताऊँगी व यह भी बताने कि कोशिश करूँगी कि आज के आधुनिक युग में आप इसे कैसे कारगर सावित कर सकते हैं | श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व   _______________________________ भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 2 और 3 संस्कृत सञ्जय उवाच दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं  दुर्योधनस्तदा | आचार्यमुपसंग्म्य राजा वचनब्रवीत् ||2|| पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं  चमूम | व्यूढां द्रुपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता ||3|| _______________________________ भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 1 और 2 हिन्दी में अनुवाद संजय ने कहा  दुर्योधन, पाण्डवों की सेन

आज के युग में गीता का महत्व | भगवद्गीता का अध्याय 1 का श्लोक 1 हिन्दी व English अर्थ सहित

श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व | भगवद्गीता का अध्याय 1 का श्लोक 1 हिन्दी व English अर्थ सहित    लगभग 5000 वर्ष पहले युद्ध के मध्य दिया गया एक हिन्दु धर्मोपदेश जिसे 18 अध्यायों और 700 श्लोकों में संजोया गया आज भी पूरे विश्व के लिए एक विश्लेषण का विषय है | श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व  , जब हम गीता को पढ़ते हैं तो पाते हैं कि यह धर्मोपदेश जो कई बर्षों पहले दिया गया आज के युग में भी उतना ही कारगर है जितना उस समय था | मैं आप को हर रोज गीता के एक श्लोक का हिन्दी व English अर्थ बताऊँगी व यह भी बताने कि कोशिश करूँगी कि आज के आधुनिक युग में आप इसे कैसे कारगर सावित कर सकते हैं | _______________________ भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 1 संस्कृत   धृतराष्ट्र उवाच धर्मक्षेत्रे कुरूक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः || मामकाः पाण्डाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय ||  ______________________________ भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 1 हिन्दी में अनुवाद   धृतराष्ट्र जी संजय से पूछते हैं,धर्म क्षेत्र कुरूक्षेत्र में युद्ध कि इच्छा में एकत्रित मेरे और पाण्डू के पुत्रों ने क्या किया |  ______________________________ Bhagwatgeeta Translati