रविवार

हास्य व्यंग्य शायरी || हास्य शायरी || Hasya Shyari || शायरी

 

हास्य व्यंग्य शायरी || हास्य शायरी || Hasya Shyari || शायरी


दोस्तो आप सभी का स्वागत है हास्य व्यंग्य शायरी के मेरे इस  स्कंध में | आप को हास्य शायरी हँसा हँसा के पागल कर देगी | हिन्दी हास्य शायरी में दिए फोटो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं |


1


पहली बार जो देखा,दिल में बसी तस्वीर तेरी,

सही में हैं या दूर से दिखती हैं आँखें भैंगी तेरी ||



2

आते जाते देखता हूँ तुझ को कुछ तो बात है ,

ठीक ठाक है तू पर तेरी दोस्त में कुछ तो बात है ||


3


मेक अप करती हो ,हमें लुभाने के लिए ,

ज्यादा भी ना किया करो,

कम ही अच्छा है हमें डराने के लिए ||


4


बिल्ली आँखें ,हिरनी सी चाल,

पता नहीं लोग तुम्हें क्या समझते हैं ,

इंसान हो तुम,जानवरों से तुलना क्यों करते हैं ||



5

शादी के बाराती कमरें मटका मटका झूमते हैं ,

पर लड़की के घर पहुँचते ही, ठेका क्यों ढूँढते हैं ||


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