रविवार

हास्य शायरी || हास्य व्यंग्य शायरी || हिन्दी हास्य शायरी

 हास्य शायरी || हास्य  व्यंग्य शायरी || हिन्दी हास्य शायरी 



कल किसी के साथ,आज किसी के ,

पता नहीं तुमने क्या कर रखा है |

बस रिचार्ज के लिए लड़कों को दोस्त बना रखा है ||

🐵🐵🐵🐵🐵🐵🐵🐵🐵🐵🐵




उँगली का नाखून दाँतों से दबाते हो,

नैनों के बाण हम पर चलाते हो |

क्या सोचते हो पिघल जाएँगे हम,

हमें पता है आप आदतन नाखून खाते हो ||

🐑🐑🐑🐑🐑🐑🐑🐑🐑🐑🐑



भला हो Social Apps का ,

कम उम्र में ही पूरी दुनिया देख ली हम ने |

अब कैसे भी रहो तुम ,सोच बदल ली है हम नें ||

🐁🐁🐁🐁🐁🐁🐁🐁🐁🐁🐁



जब दिखते थे तब भी वही थे ,दिखने लगे तो भी ना बदले |

बस गहराईयाँ दिखने लगीं ,नेनों में आशाओं के बदले ||


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