सोमवार, 14 जून 2021

ध्यानू भक्त ने अपना शीश माता ज्वाला को अर्पित किया,Dhyanu Bhagat

           ध्यानू भक्त ने अपना शीश माता ज्वाला  को 

                               अर्पित किया


मात ज्वाला भक्ति  तेरी, भक्ति करे भक्त ध्यानू |
भक्तों के संग दर्शन करने, चले भक्त कृपालू ||

बीच रास्ते संदेश पाए, अकबर का फरमान पाए |
कहाँ  चले भीड़ संग, क्या करना तुम को भाए ||

ध्यानू भक्त ने कह सुनाया, मात ज्वाला का महात्मय बताया |
अकबर यह सुन क्रोध में आया,ध्यानू के घोड़े को मार गिराया|


भक्ति तेरी सच्ची है, सच्ची है गर बात |
घोड़े को जीवित करेगी, गर ज्वाला मैया तेरे साथ ||


एक माह रखना राजा, मात करेगी पूरण काजा |
माता शक्ति को, तू भी मानेगा राजा ||

भक्त ध्यानू ध्यान करे, भजन करे दिन रात |
माता कि प्रसन्नता कि ख़ातिर, सिर दिया वार ||

मात ज्वाला प्रसन्न भई, दिया जीवन दान |
घोड़े को भी जीवित किया,दिया महाज्ञान ||


जो आए मंदिर में, आए माता के दरबार |
दु़:ख सारे दूर हों, सुखी रहे संसार ||

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