शुक्रवार, 27 मार्च 2020

लॉकडाऊन

लॉकडाऊन

अब क्या हो गया, रहो जैसे रहते हो |
हम हैं सर्वश्रेष्ठ, सदा तुम कहते हो ||


कोई रोड़ पर ना निकले,घर पर रहे इस बार, 
वातावरण साफ हो रहा, हो रहा विनिर्माण |
नगर वालों को गाँव भाए, 
भाए पुरातन ज्ञान विज्ञान ||
बर्गर पिज्जा खाने वाले, खा रहे देसी पकवान |
हाय हैलो करने वाले, कर रहे प्रणाम ||


अब क्या हो गया, रहो जैसे रहते हो |
हम हैं सर्वश्रेष्ठ, सदा तुम कहते हो ||


जब हम मंत्र पढ़ते थे, घर में हवन करते थे ,
नाक, नाभी पर तेल लगाकर, हमेशा स्वस्थ रहते थे |
वे हमें अंधविश्वासी कह कर सदा हँसते रहते थे ||
नगरों में है प्रदूषण, यहाँ हर बात का खतरा है |
जब खतरे में पड़ता तो गाँव गाँव रटता है ||


अब क्या हो गया, रहो जैसे रहते हो |
हम हैं सर्वश्रेष्ठ, सदा तुम कहते हो ||


लॉकडाऊन हो या कर्फ्यू, इनके भी हैं फायदे, 
सौहार्द तो बढ़ाए ही, जनता को सिखाए कायदे |
हो प्रदूषण या प्रदर्शन, करना हो या परिवर्तन, 
मृत्यु का डर करवा सकता, सबका ही समर्थन ||


अब क्या हो गया, रहो जैसे रहते हो |
हम हैं सर्वश्रेष्ठ, सदा तुम कहते हो ||


वाह रे भगवान कैसी तूने चीज़ बनाई, 
प्रकृति का करो सम्मान, कैसे यह सीख सिखाई |
समझ जाता है सब इंसान ,
जब मृत्यु उसे देती है दिखाई ||


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