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जीवन मंत्र | आज का विचार | jeevan mantra | aaj ka vichar

  आज का जीवन मंत्र || Aaj Ka Jeevan Mantra || आज का विचार || Aaj Ka Vichaar

Photo by laura parenti from Pexels


यदा संहरतै चायं कूर्मोsड़्गानीव सर्वशः |

इन्द्रियाणीन्द्रियार्थेभ्यस्तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता|

हिन्दी में अनुवाद

जिस तरह से कछुआ अपने अंगों को पूरी तरह से समेट लेता है ,उसी तरह से जो मनुष्य अपनी इन्द्रियों को काबू में रखता है वही प्रज्ञा सम्पन्न होता है |

Translation into English

The way a tortoise controls its organs completely, in the same way the  person who keeps his senses in control have great knowledge.


आज़ का विचार | Aaj ka vichaar


मन वचन अथवा शरीर से कोई दुःख भी पहुँचाए ,तो उस पर क्रोध और वैर न करना क्षमा है |


Translation into English

If anyone hurt you by anyway whether by heart,speech or physically, then it is pardon not to have anger and hatred on it.


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