सोमवार, 14 जून 2021

बाबा बालक नाथ जी,Baba Balak Nath Ji

 बाबा बालक नाथ जी


कह रहा हूँ  तेरी कहानी |
हो सिद्धों के सिरमौर |
सतयुग में स्कन्ध, त्रेता में कौल
और द्वापर में कहे गए महाकौल ||

महाकौल ने मन में ठानी,चले कैलाश कि ओर |
पथ में इक बृद्धा मिली, चले बाबा किस ओर |
चला हूँ शिव के दर्शन करने, ठानी बात यही इक मन में|
निलकण्ठ को प्रसन्न करूँगा,कर चुका यह 
प्रण मैं |


मानसरोवर के किनारे, कर तपस्या, वो सहाय |
मात पार्वती दर्शन देंगी, पूछना शिव मिलन 
के उपाय |

बाबा जी लगन में बैठे, बैठे ध्यान लगाए |
पार्वती जी का दर्शन पाए, मिला ईश मिलन 
का उपाय |


थी प्रतिज्ञा अटल, शिव मिलन में हुए सफल |
चिर आयु का वरदान पाए, पाया अमरता का 
फल |
सिद्धों में से एक होंगे, रहेंगे तरूण स्वरूप में |
कलयुग में भी पूजा होगी, होंगे बालक रूप में |

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