शनिवार, 5 जून 2021

Jeevan Mantra | जीवन मंत्र |आज का विचार | Today's Thought

 Jeevan Mantra | जीवन मंत्र


जानीयात्प्रेषणेभृत्यान्बान्धवान्व्यसनागमे,मित्रंचापत्तिकालेतुभार्यांचविभवक्षये |


सेवक कि काम पर लगाने से,बान्धवों कि दुःख में,मित्र कि विपत्ति में और सम्पदा का नाश होने पर पत्नी कि परीक्षा होती है|


Servants while employing, relatives in sorrows,friends in misfortune and on destruction of wealth wife is tempted.


Today's Thought | आज. का विचार

किसी भी तरह कि मन्नत माँगने पर, अपनी शक्तिनुसार पूरी करनी चाहिए ना कि दूसरों के दान से ,क्योंकि इस कार्य के लिए प्राप्त दान का भार उतर नहीं सकता और सारा फल दान देने वाला ले जाता है|


Any kind of vow should be fulfilled according to own power  and not with the donation of others, because the burden of the donation received for this work cannot come off and the donor takes all the fruit.


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